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सीएए,एनआरसी-एनपीआर के ख़िलाफ़ “हम भारत के लोग”,शाहीनबाग़ के तर्ज पर धरना दिया

कोडरमा। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर, एनआरसी के विरोध में टीओपी असनाबाद के समीप सैंकड़ो की संख्या में लोग “हम भारत के लोग” के बैनर तले अनिश्चित महाधरना में शामिल हुए। संचालन ईश्वरी राणा और शदरूल होदा ने संयुक्त रूप से संचालन किया। महाधरना को विभिन्न संगठनों का भी समर्थन मिला है। धरना में शामिल लोगों का कहना है कि संविधान में लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है। इसी के तहत महाधरना का आयोजन किया गया है। महाधरना में कोडरमा के विभिन्न जगहों से पहुंची महिलाएं “सीएए,एनपीआर और एनआरसी को वापस लेने के मुट्ठियों को भींचकर नारे लगाए। महाधरना में “हम भारत के लोग” से जुड़े कई लोग अनशन पर बैठकर अपना विरोध दर्ज किया। महाधरना को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा की नागरिकता को लेकर विरोध संविधान बचाने की लड़ाई है। मौजूदा सरकार नागरिकता संशोधन कानून लाकर संविधान में प्रदत अधिकारों को खत्म कर रही। क्योकि हमारा संविधान धर्मनिरपेक्ष है,जिसमें सभी धर्मों को समान अधिकार देता है। वक्ताओं नें कहा कि देश मे बेरोजगारी चरम पर है, अर्थव्यवस्था की हालात खस्ता है। देश मे भुखमरी, कुपोषण, महिला उत्पीड़न समेत कई समस्याएं विकराल रूप धारण कर चुकी है। केंद्र सरकार अपने गलत नीतियों को छुपाने के लिए नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और एनआरसी लाकर अंग्रेजी हकूमत के रास्ते पर चल रही है। सरकार एक समुदाय विशेष को नागरिकता कानून के जरिये बाहर कर केवल सत्ता में बना रहना चाहती है। वही महाधरना के दौरान कलाकारों नें क्रांतिकारी नज्म पढ़ा। रांची से पहुंचे अनिल अंशुमन ने भी क्रांतिकारी व जनगीत पेश किया। महाधरना में खालीद खलील,रामधन यादव, मो अबु कैशर,सविता सिंह, चरणजीत सिंह, प्रेम पांडेय, हाफ़िज़ सरफराज अहमद, उदय द्विवेदी, घनश्याम तुरी, चूरन खान, डॉ जावेद, मो शाहनवाज राजा, दामोदर यादव,मो अली समेत कई लोगों ने संबोधित किया।

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