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नप के बकायेदारों के घर किन्नर देंगे दस्तक,झूम नाच के बोलेंगे ” बकाया टैक्स चुका दो बाबू”

झुमरीतिलैया। रघुवर सरकार में टैक्स बकायेदारों की खैर नही। जी हां कुछ ऐसा ही प्रतीक हो रहा है, झुमरीतिलैया नगर परिषद में । क्योकि होल्डिंग टैक्स वसूली करने वाली रितिका प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बकाया टैक्स वसूली के लिए अजीबो गरीब उपाय ढूंढा है। ये तो समय बताएगा कि यह उपाय कारगर साबित होता है या धाक के तीन पात। लेकिन झुमरीतिलैया नगर परिषद के होल्डिंग टैक्स के बड़े बकायेदार के घरों में अब टैक्स वसूलने किन्नर पहुंचेंगे। किन्नर वैसे हर बकायेदार के घर जाएगी जिनका होल्डिंग टैक्स बकाया लाखों में है या आसपास। होल्डिंग टैक्स के बकायेदारों के घरों में किन्नर ढोलक की ताल पर जमकर नाचेंगे, झूम नाच के बकायेदारों को कहेंगे ” बकाया टैक्स चुका दो बाबू “।

झुमरीतिलैया नगर परिषद क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स वसूली को लेकर सख्ती बरतने के बाबजूद लोग सैफ फॉर्म असेसमेंट नही भर रहे। इसके कारण सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा। इसी नुकसान को कम करने के लिए रितिका प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने सालों से होल्डिंग टैक्स बकाया रखने वाले बड़े बकायदारों के घरों में किन्नर ले कर पहुंचेगी। जहां किन्नरों के द्वारा टैक्स चुकाने की बात बकायेदारों को कहेगी।

नप के कार्यपालक पदाधिकारी कौशलेश कुमार और टैक्स कलेक्शन का काम देख रहे रितिक प्रिंटक के बिनोद रवानी के अनुसार जिन लोगों का अभी तक सैफ फॉर्म जमा नही हुआ है उनमें 1.बिनोद बजाज,₹60000,2.बिहार मिनिरल्स ₹80000,3.बालकरण सिंह ₹55000,4.मनोज चरण पहाडी₹75000, 5.होटल पीजी(विराज)₹220000 6.कृष्णा निकेतन स्कूल₹68000तिलैया पब्लिक ₹60000 8.ओमकार होटल ₹72000,9.प्रकाश होटल ₹90000
10.ग्रीन पार्क हॉस्पिटल₹85000,11.राजेशकसेरा₹55000
12.बाबा कुरकुरे₹100000,13.जमुना मार्केट₹ 95000
14.जी एस कॉम्प्लेक्स₹70000,15.अन्नपूर्णा स्वीट्स 100000/-,16.चंद्रावती देवी₹80000, 17.ट्रेक्टर वर्कशॉप₹85000,18.सत्यम नर्सरी₹68000, 19.छमावती देवी₹20000/,20.डॉक्टर पी कुमार₹80000/-, 21.रामेश्वर मोदीभदानी₹120000, 22.सीताराम साव₹60000/-


इन लोगों को पूर्व में भी नोटिस निर्गत किया गया है इसके पश्चात भी सेफ़ फॉर्म के द्वारा अपनी जमीन और मकान का ब्यौरा नगर परिषद को नहीं दिए है। उन सबों के घरों में अब किन्नरों के नाच के द्वारा टैक्स वसूला जाएगा। इसके बावजूद भी नहीं देने वालों पर झारखंड नगरपालिका संपत्ति कर नियमावली के अंतर्गत विधि संवत कार्रवाई किया जाएगा ।

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