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जन सवालों पर सीटू- किसान सभा का संयुक्त प्रदर्शन

छ: माह तक मुफ्त अनाज और 7500 रूपये दिया जाय : संजय पासवान

कोडरमा। सेन्टर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) व अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के संयुक्त आह्वान पर देशव्यापी मांग दिवस के समर्थन मे डोमचाँच प्रखण्ड अंतर्गत रायडीह मे परमेश्वर यादव की अध्यक्षता व मुकेश यादव के संचालन मे प्रदर्शन व सभा किया गया. इस अवसर पर हुए सभा को संबोधित करते हुए सीटू राज्य कमिटी सदस्य संजय पासवान ने कहा कि देश मे रोजी – रोटी के बढ रहे संकट ने गरीबों को भारी परेशानियों मे डाल दिया है. इसलिए अगले छह माह तक सभी को दस किलो मुफ्त अनाज और 7500/- रू० प्रति माह दिया जाय. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कोरोना महामारी की स्थिति से निपटने मे पूरी तरह विफल साबित होने के बाद अब केवल बयान और संदेश जारी कर रही है. दूसरी ओर देश की अर्थ व्यवस्था को तबाह कर हमारी जनता के विशाल बहुमत पर भारी मुसीबतों का बोझ डाल दिया है. अब कोरोना संक्रमण के मामले में भारत तीसरे नंबर पर आ गया है और करीब साढ़े बारह लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं तथा प्रतिदिन चालीस हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। देश में दहशत का माहौल बनता जा रहा है. इस स्थिति के लिए पूरी तरह केंद्र सरकार जिम्मेवार है क्योंकि इस खतरे का सामना करने के लिए सरकार को वैज्ञानिकों, महामारी से निपटने वाले विशेषज्ञों तथा विपक्षी राजनीतिक पार्टियों से लगातार चर्चा कर और उनकी राय लेकर ही कोई कदम उठाना चाहिए था लेकिन अहंकार और बड़बोलेपन की शिकार केंद्र सरकार के मुखिया कुछ गिने-चुने प्रशासनिक अफसरों की ही सलाह पर अव्यवहारिक निर्णय लेते रहे जिसका दुष्परिणाम देश की जनता को झेलना पड़ रहा है. केन्द्र की भाजपानीत मोदी सरकार संकट को भी पूंजीपतियों के लिए काम काम कर रही है और देश की नवरत्न कम्पनियों कोयला, रेल, बैंक आदि जनता की सम्पत्ति को कॉरपोरेट के हाथों मे बेच रही है. जो देश हित मे नहीं है, इसलिए इस महामारी मे भी सरकार के खिलाफ जनता को संगठित होना होगा।

सीटू व किसान सभा की मांगे

प्रदर्शन के माध्यम से अगले 6 माह तक पीएम केयर फंड से 7,500 रू प्रति व्यक्ति के लिए सहायता राशि, सभी को 10 किलोग्राम अनाज, कोविड की जांच और संक्रमित होने पर नि:शुल्क इलाज की सुविधा, मनरेगा का विस्तार, 200 दिन के काम का प्रावधान और राष्ट्रीय संपदा की लूट पर रोक एवं श्रम कानूनों मे मालिक पक्षीय बदलाव को वापस लेने की मांग की.

सभा को असीम कुमार, सुरेन्द्र राम, परमेश्वर यादव व महेन्द्र तुरी ने भी सम्बोधित किया. प्रदर्शन मे मुकेश कुमार यादव, जितेन्द्र कुमार दास, विजय पासवान, अजय स्वर्णकार, दयानंद यादव, बद्री महतो, अम्बिका यादव, सुनील यादव, रामचन्द्र यादव, राहुल यादव, सुजीत स्वर्णकार, प्रसादी यादव, सहदेव यादव, कैलाश यादव, इन्द्रदेव यादव, चितरंजन स्वर्णकार, सिकन्दर यादव, धीरेन्द्र यादव, रामदेव यादव, सकलदेव यादव, श्यामसुन्दर यादव, जय नारायण सोनार सहित दर्जनों लोग शामिल थे.

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