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सख्ती के नाम पर भारी भरकम जुर्माना और जेल सही नहीं : सीपीएम

कोडरमा – लॉक डाउन मे सख्ती के नाम पर मास्क न पहनने पर एक लाख का जुर्माना और दो साल का जेल का प्रावधान का झारखंड सरकार के अध्यादेश को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने अनुचित करार दिया है. माकपा के राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय पासवान ने माकपा जिला कमिटी की ऑनलाइन बैठक के बाद बयान जारी कर कहा है कि कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए इस गरीब प्रदेश में इस तरह का जुर्माना व सजा उचित नही है. संक्रमण रोकने के लिए एहतियात जरूरी है लेकिन इतनी सख्त सजा का प्रावधान वह भी अध्यादेश के द्वारा यह आम लोगों को ही भुगतना पड़ेगा. पार्टी झारखंड सरकार से अपील करता है कि वे अपने इस फैसले पर पुनर्विचार कर इस सख्त आदेश को वापस लें. माकपा नेता ने बताया कि इस संबंध मे वामदलों राज्य स्तरीय नेताओं के द्वारा मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को पत्र लिखकर इस बात का उल्लेख किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा हमेशा गलत नियमों और कानूनों का विरोध किया जाता रहा है इसलिए वे इस मामले पर लचीला रवैया अपनायेंगे. इस प्रावधान का दुरुपयोग भी होगा क्योंकि इसे लागू करने के उत्साह में पुलिस की भूमिका पर कोई नियंत्रण नहीं रहेगा. वामदलों ने मुख्यमंत्री को उनके द्वारा पिछले दिनों बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक मे वामदलों के उन सुझावों पर गौर करने की अपील की है जिसमें कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रखंड स्तर तक राजनीतिक दलों, जन संगठनों, सामाजिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों के कार्यकताओं को लेकर एक कमिटी बनाए जाने की बात कही गई थी ताकि जनता के सहयोग से बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान संगठित कर आम लोगों को सहयोग के लिए प्रेरित किया जा सके.क्यो कि बिना जनसहयोग के इस महामारी से निपटना संभव नहीं है. सीपीएम ने झारखंड की गरीब जनता के बीच नि:शुल्क मास्क बांटने, सभी सार्वजनिक जगहों को नियमित सेनिटाइज करने और जागरूकता अभियान चलाने का भी मांग किया है.

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