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हाथरस: दुष्कर्म व दरिंदगी के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे दलित संगठन

हाथरस सामूहिक बलात्कार के खिलाफ आक्रोश मार्च


यूपी में जारी जंगल राज, योगी सरकार को

झुमरीतिलैया – हाथरस में दलित युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के साथ हुई भयानक दरिंदगी जिसके कारण हुई उसकी मौत के खिलाफ दलित शोषण मुक्ति मंच (डीएसएमएम) के बैनर तले अम्बेडकरनगर (बजरंग नगर) से पानी टंकी रोड, वीर कुंवर सिंह चौक, ओवर ब्रिज होते हुए झंडा चौक तक निकला आक्रोश मार्च। मार्च में बलात्कारियों को संरक्षण देने वाली योगी सरकार मुर्दाबाद, योगी सरकार को बर्खास्त करो, दलितों पर अत्याचार बंद करो, मनुवादी भाजपा सरकार मुर्दाबाद आदि आक्रोषित नारे लगाए जा रहे थे। मार्च का नेतृत्व संजय पासवान, प्रेम प्रकाश, चरणजीत सिंह, महेंन्द्र तुरी, विजय रजक असीम सरकार, प्रकाश अम्बेडकर श्यामदेव यादव, मनोज रजक दुर्गा राम, राजेश रजक आदि ने किया। विदित हो कि यूपी के हाथरस में 19 वर्षीय दलित परिवार की बेटी मनीषा को 14 सितंबर को उसके घर के दरवाजे से ही चार गुंडों के द्वारा उठा लिया गया और फिर उसे सामूहिक बलात्कार का शिकार बनाया तथा उसे भयानक यातनाएं दीं विरोध करने पर उसका गला घोंटने की कोशिश की, जिसमें उसकी (पीड़िता की) जीभ कट गई और रीढ़ की हड्डी भी टूट गई। जिसके कारण मंगलवार को दिल्ली के सफदजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई । झंडा चौक पर की प्रेम प्रकाश की अध्यक्षता में हुई नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए युवा नेता संजय पासवान ने बर्बर घटना की घोर निन्दा करते कहा है कि योगी सरकार में महिलाओं और बच्चियों पर भयानक जुल्म हो रहे हैं और सरकार का दावा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिल्कुल दुरुस्त है। जबकि उप्र जंगल राज का पर्याय बन चुका है। यहां अपराधी बेखौफ हैं, उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। हाथरस के मामले में भी वहां के पुलिस अधिकारी मीडिया के सामने बयान दे रहे हैं कि युवती के साथ बलात्कार नहीं हुआ था और सवर्ण समाज के लोग बलात्कारियों के पक्ष में प्रदर्शन कर रहे हैं जो बेहद शर्मनाक है। यूपी में कानून का राज नहीं रहा। जहां दलित, महिलाएं, गरीब और अमन पसंद लोग सुरक्षित नहीं है इसलिए योगी सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाय।


सामाजिक कार्यकर्ता असीम सरकार ने कहा कि बलात्कारियों द्वारा बर्बर अत्याचार पीड़ित को कई फ्रैक्चर और उसकी रीढ़ की हड्डी को स्थायी नुकसान पहुंचाया। उसकी गर्दन में लगी चोटों ने उसे पूरी तरह से लकवाग्रस्त हालत में छोड़ दिया और वह सांस लेने के लिए संघर्ष करती रही। उसकी जुबान भी फिसल गई थी। पुलिस ने 4-5 दिनों तक शिकायत दर्ज नहीं की। श्यामदेव यादव और प्रेम प्रकाश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपहरण, बलात्कार और हत्या की घटनाओं के साथ महिलाओं के खिलाफ अपराधों का एक केंद्र बन गया है। यूपी में अपराधियों को दिए गए राजनैतिक संरक्षण के कारण गुंडों के साथ जंगल राज कायम हो गया है। चरणजीत सिंह और प्रकाश अम्बेडकर ने कहा कि मामले के दौरान, सीबीआई ने स्पष्ट रूप से कहा था कि दो आईपीएस और एक आईएएस अधिकारियों को कर्तव्य के अपमान का दोषी पाया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन योगी सरकार ने अब तक दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है और संदेश दिया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के माध्यम से
इस बर्बर घटना के खिलाफ हर स्तर पर विरोध प्रर्दशन का आह्वान किया।


कार्यक्रम में शंभु पासवान,रविन्द्र भारती, धीरज यादव अशोक रजक रामचंद्र राम, कृष्णा चौधरी रणजीत दास विकास अम्बेडकर रवि राम रौशन राम, शांति देवी वीणा, किरण मधु वर्षा, सुनीता रीता सविता माने ज्योति देवी, सोनी मीणा, राकेश दास राजेश दस,विजय पासवान, मुकुल रजक, सहदेव दास सकिंदर कुमार, प्रकाश चन्द्र राय सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

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